साहित्य

  • जन की बात न दबेगी, न छिपेगी, अब छपेगी, लोकतंत्र के सच्चे सिपाही बनिए अपने लिए नहीं, अपने आने वाले कल के लिए, आपका अपना भविष्य जहाँ गर्व से कह सके आप थे तो हम हैं।
  • लखीमपुर-खीरी उ०प्र०

Sunday, June 06, 2021

जंगल की आग

सुरेश सौरभ
लघुकथा    

किया जाए, लखनऊ, दिल्ली से बड़े अधिकारी आने वाले हैं किसी दिन, बड़ी चिंता हो रही है लग रहा, अब औचक निरीक्षण हो ही जाएगा?
-चिंता काहे की साहब ?
-अरे यार! यह भी नहीं जानते, हमने जो चोरी-चोरी सैकड़ों पेड़ कटा दिए हैं, उसका हमारे वन विभाग के पास कोई रिकार्ड नहीं है, अगर उन लोगों ने कटे पेड़ों के ठूंठ देख लिए और हमारी चोरी पकड़ी गई, तो फिर हमारी खैर नहीं? हमें नौकरी बचाना मुश्किल होगा भाई?   
-इसका समाधान है साहब, परेशान काहे हैं?
-क्या है भाई! जल्दी बता?
-आग।
अगले दिन जंगल में भीषण आग लग गई। खबर छपी, सैंकड़ों पेड़ जलकर खाक। शीघ्र ही लखनऊ दिल्ली के, वन विभाग के, अधिकारी जंगल में, लगी आग से नुकसान का जायजा लेने के लिए आ रहे हैं।


निर्मल नगर लखीमपुर-खीरी
मो-7376236066

No comments:

पढ़िये आज की रचना

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग: उच्च शिक्षा संस्थानों में समता संवर्धन विनियमन:2026 Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations-प्रो.नन्द लाल वर्मा (सेवानिवृत्त)

नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर) युवराज दत्त महाविद्यालय लखीमपुर-खीरी 9415461224.        भारतीय संविधान के अनुच्छेद-14 में वर्णि...

सबसे ज्यादा जो पढ़े गये, आप भी पढ़ें.