साहित्य

  • जन की बात न दबेगी, न छिपेगी, अब छपेगी, लोकतंत्र के सच्चे सिपाही बनिए अपने लिए नहीं, अपने आने वाले कल के लिए, आपका अपना भविष्य जहाँ गर्व से कह सके आप थे तो हम हैं।
  • लखीमपुर-खीरी उ०प्र०

Wednesday, June 02, 2021

प्रीती की कलम से

प्रीति गौतम
कहाँ तक अंधविश्वास में जिओगे।
पढ़ोगे तभी तो तुम आगे बढ़ोगे ।।
 
कभी बाबा साहेब का संविधान पढ़ो।
कभी देख के कांशीराम का संघर्ष बढ़ो।।
 
माता सावित्री बाई के पथ पर चलोगे।
पढ़ोगे तभी तो तुम आगे बढ़ोगे ।।
 
भले आएं जितने भी कांटे राहों में।
हो बस किताबें तुम्हारे हाथों में ।।
 
क़लम से तुम नया इतिहास रचोंगे।
पढ़ोगे तभी तो तुम आगे बढ़ोगे।।
 
करें कोई चाहें कुछ मगर सच यही है।
कौम जो हमारी आज आगे बढ़ रही है।।
 
इसी से आगे चलकर राज करोगे ।
पढ़ोगे तभी तो तुम आगे बढ़ोगे।।
                                                                                                            निवास-सेनपुर लखीमपुर खीरी

पढ़िये आज की रचना

मौत और महिला-अखिलेश कुमार अरुण

(कविता) (नोट-प्रकाशित रचना इंदौर समाचार पत्र मध्य प्रदेश ११ मार्च २०२५ पृष्ठ संख्या-1 , वुमेन एक्सप्रेस पत्र दिल्ली से दिनांक ११ मार्च २०२५ ...

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