साहित्य

  • जन की बात न दबेगी, न छिपेगी, अब छपेगी, लोकतंत्र के सच्चे सिपाही बनिए अपने लिए नहीं, अपने आने वाले कल के लिए, आपका अपना भविष्य जहाँ गर्व से कह सके आप थे तो हम हैं।
  • लखीमपुर-खीरी उ०प्र०

Monday, June 21, 2021

पिता शिक्षक पिता रक्षक-श्यामकिशोर बेचैन

  पिता दिवस पर विशेष। 
श्याम किशोर बेचैन


पिता शिक्षक पिता रक्षक
पिता  ही  अन्न दाता  है।
पिता सांसो की सरगम है 
पिता ज्ञानी  है ज्ञाता  है।।
पिता हंसना  सिखाता  है 
पिता चलना सिखाता है।
पिता से  है  मेरा  जीवन 
पिता मेरा   विधाता   है।।

पिता से परवरिश मिलती 
पिता से प्यार मिलता है।
पिता  की  छत्र  छाया में 
पिता का सार मिलता है।
पिता से तख्त मिलता है 
पिता से ताज मिलता है।
पिता की जब जरूरत हो 
पिता  तैयार  मिलता है ।।

पिता साहस पिता साहिल 
पिता  सम्मान  है  मेरा ।
पिता  से है  मेरी  दुनियां 
पिता  भगवान  है मेरा ।।
पिता कुछ सख्त है लेकिन 
पिता ही घर चलाता है ।
पिता   हमदर्द   है   मेरा 
पिता  अरमान  है मेरा ।।

पता-बक्सा बाजार संकटादेवी,
लखीमपुर-खीरी उत्तर प्रदेश

पढ़िये आज की रचना

मौत और महिला-अखिलेश कुमार अरुण

(कविता) (नोट-प्रकाशित रचना इंदौर समाचार पत्र मध्य प्रदेश ११ मार्च २०२५ पृष्ठ संख्या-1 , वुमेन एक्सप्रेस पत्र दिल्ली से दिनांक ११ मार्च २०२५ ...

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