प्रेम मुहब्बत रहे सभी में
घृणा- द्वेष से दूर रहें
हम
हिंसा- चोरी बात हो झूठी
मुंह मोड़ना अच्छा भैया ।
अहंकार से तोड़े नाता
सदा क्रोध से दूर रहें हम
करें भलाई दीन- दुखियों का
ईर्ष्या कभी न करना भैया।
निर्मल मन से
भाईचारा
कायम रहे तभी तो अच्छा
कितना प्यारा भाईचारा
सबसे हिलमिल रहना भैया।
पता- निदेशक- हिन्दी बाल साहित्य शोध संस्थान,
बनौली, दरभंगा ( बिहार) -847428