कमाल क्या कहूं जो , बाकमाल थे बिरसा ।
करूं सौ बार नमन मैं, तेरी शहादत को ।
पिता थे सुगना मां करमी, के लाल थे बिरसा।।
मिले तालीम हर एक, आदिवासी को कैसे।
हर एक फिक्र का रखते, मलाल थे बिरसा ।।
खिलाफ जुर्म के
थे, जो लड़े हुकूमत से ।
बेबस गरीब लाचारों की, ढाल थे बिरसा ।।
जमीन जल तथा जंगल, से है मेरा नाता ।
लगाये नजर जो ऐसों के , काल थे बिरसा ।।
दिये हैं जान वतन के, जो वास्ते गौतम ।
शहीदों में भी वो तो , चन्द्रभाल थे बिरसा।।
ओमप्रकाश गौतम (निरीक्षक)
उत्तर प्रदेश पुलिस 9936358262