साहित्य

  • जन की बात न दबेगी, न छिपेगी, अब छपेगी, लोकतंत्र के सच्चे सिपाही बनिए अपने लिए नहीं, अपने आने वाले कल के लिए, आपका अपना भविष्य जहाँ गर्व से कह सके आप थे तो हम हैं।
  • लखीमपुर-खीरी उ०प्र०

Saturday, June 12, 2021

मत छीनो बचपन -कवि श्याम किशोर बेचैन

  12 जून, विश्व बालश्रम दिवस पर विशेष  

 


खेल कूद की उम्र है जिनकी उन्हें खेलने खाने दो ।

बच्चो से मत छीनो बचपन उनको हसने गाने दो ।।

 

भूख गरीबी लाचारी मजबूर बहुत कर देती है ।

बच्चों को अपने बचपन से दूर बहुत कर देती है ।।

उनको मत मजदूर बनाओ शिक्षा उनको पाने दो ।

बच्चों से मत छीनो बचपन उनको हसने गाने दो ।।

 

वंचित भी शिक्षा पाने को विद्यालय जा सकता है ।

अपने हुनरसे भारत का परचम लहरा सकता है ।।

झाड़ू पोछा के आगे का उनको ख्वाब सजाने दो ।

बच्चों से मत छीनो बचपन उनको हसने गाने दो ।।

 

तुमसे जितना हो पाए तुम उतना सहयोग करो ।

ऐसे बच्चों पर अपनी मानवता का प्रयोग करो ।

करना ना बेचैन उन्हें इनको भी खुशी मनाने दो ।।

बच्चों से मत छीनो बचपन उनको हसने गाने दो ।।

पता-संकटा देवी बैंड मार्केट लखीमपुर खीरी


पढ़िये आज की रचना

मौत और महिला-अखिलेश कुमार अरुण

(कविता) (नोट-प्रकाशित रचना इंदौर समाचार पत्र मध्य प्रदेश ११ मार्च २०२५ पृष्ठ संख्या-1 , वुमेन एक्सप्रेस पत्र दिल्ली से दिनांक ११ मार्च २०२५ ...

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