साहित्य

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  • लखीमपुर-खीरी उ०प्र०

Friday, May 28, 2021

करें वन्दना मातृभूमि की

 

-डॉ.सतीश चन्द्र भगत

करें वन्दना मातृभूमि की  !

 

गरिमा- मंडित भारत माता,

हम सब उसकी संतान  हैं |

सब दिन गूंजे दिग्दिगंत  में,

शाश्वत सुखदायक गान हैं |

 

भरापूरा सौरभ से  सज्जित,

महके आंचल मातृभूमि की!

 

पेड़- पौधे फसलों से हर्षित

हो, झूमे धरती  का माली  |

स्नेह-घट छलके सबके मन में,

बजे खुशी से सबकी  ताली |

 

दिया गुरूओं ने समुचित शिक्षा,

करें वन्दना मातृभूमि की  !

 

हिलमिल सब मेहनत करते हैं,

किसान, जवान इसकी संतान|

ममता समता का संदेश दिया,

है वेद- ऋचा, गीता  पुराण |

 

राष्ट्रीय झंडा  आकाश चूमती,

करें वन्दना मातृभूमि की  !


(लेखक हिन्दी बाल साहित्य शोध संस्थान के निदेशक हैं),

पता-बनौली, दरभंगा ( बिहार) -847428

पढ़िये आज की रचना

मौत और महिला-अखिलेश कुमार अरुण

(कविता) (नोट-प्रकाशित रचना इंदौर समाचार पत्र मध्य प्रदेश ११ मार्च २०२५ पृष्ठ संख्या-1 , वुमेन एक्सप्रेस पत्र दिल्ली से दिनांक ११ मार्च २०२५ ...

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