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सुरेश सौरभ निर्मल नगर लखीमपुर-खीरी उत्तर प्रदेश पिन-262701 मो-7376236066 |
साहित्य
- जन की बात न दबेगी, न छिपेगी, अब छपेगी, लोकतंत्र के सच्चे सिपाही बनिए अपने लिए नहीं, अपने आने वाले कल के लिए, आपका अपना भविष्य जहाँ गर्व से कह सके आप थे तो हम हैं।
- लखीमपुर-खीरी उ०प्र०
Friday, July 12, 2024
बड़े चोरों के भरोसे-सुरेश सौरभ
सामाजिक न्याय के नाम पर सत्ता की मलाई चाटते जातीय दलों की असलियत जो एससी-एसटी और ओबीसी के लिए आस्तीन के सांप सिद्ध हो रहे हैं-नन्दलाल वर्मा (एसोसिएट प्रोफेसर)
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| नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर) युवराज दत्त महाविद्यालय लखीमपुर-खीरी 9415461224. |
Tuesday, July 02, 2024
इंदिरा गांधी की इमरजेंसी से ज़्यादा खतरनाक है,आज के दौर की अघोषित तानाशाही और इमरजेंसी-नन्दलाल वर्मा (एसोसिएट प्रोफेसर)
"लोकतंत्र के मंदिर में राजतंत्र-तानाशाही की निशानी "सिंगोल" स्थापित करने के पीछे मोदी/बीजेपी की नीयत क्या है?"
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| नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर) युवराज दत्त महाविद्यालय लखीमपुर-खीरी |
Monday, June 17, 2024
योग दिवस-अखिलेश कुमार 'अरुण
कहानी
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| अखिलेश कुमार 'अरुण' ग्राम- हज़रतपुर जिला-लखीमपुर खीरी मोबाईल-8127698147 |
मजदूरों के लिए एक कहावत है कि मजदूर को मजदूरी उसका पसीना सूखने से पहले मिल जाना चाहिए क्योंकि मजदूर अपना और अपने परिवार का पेट साथ लेकर आता है मजदूरी से लौटने के बाद फकत वक्त उसकी मजदूरी उसके काम न आए तो उसकी मजदूरी किसी काम की नहीं, गांव का प्रधान है कि अपनी रसूख और राजनीतिक पहुंच के चलते किसी से नहीं डरता। करीम चचा यह जानते हुए भी उसके यहां काम करने गये कि इस प्रचंड गर्मी में कुछ सहारा हो जाएगा क्योंकि किसानों की किसानी अप्रैल-मई के बाद खत्म है वहां कोई काम है नहीं कि जहां कुछ काम-धाम करके दो-चार पैसे का जुगाड़ हो जाए पर प्रधान जी अपना घर बनवा रहे थे। इसलिए काम मिल गया था। एक महीना पूरा खटे हैं सौ-पचास करके 1200 रुपए कुल अभी तक करीम चचा ले गये हैं और प्रधान कह रहा है कि 200 और तुम्हारा बनता है वह दो-चार दिन में दे देगा।
करीम चचा अब करें तो करें क्या? किसी ने सलाह दिया कि श्रम विभाग में चले जाओ वहां जाकर शिकायत कर दो। करीम चचा ने ऐसा ही किया आज से 10 दिन पहले लिखित शिकायत की अर्जी सहायक श्रमायुक्त को दे आए थे जिसकी प्रति लेकर आज फिर आफिस पहुंच गये क्योंकि अभी तक कुछ हुआ तो है नहीं। अर्जी की ताकीद करवाई और श्रमायुक्त महोदय से गुजारिश कर रहे हैं" साहेब, मजदूरी का पूरा पैसा दिलवा दीजिए ....? नहीं तो हम चार जनों का परिवार भूखों मर जाएगा।"
"रुको, हम अभी आते हैं।" कहकर किसी साहब का हवाला देकर निकल लिए। घंटा-दो घंटा बीतने के बाद करीम चचा श्रमायुक्त महोदय को खोजते हुए आगे बढ़ चले तो पता चला कि अपर श्रमायुक्त महोदय के पास बैठे हैं। बहुत हिम्मत करके दरवाजे पर दस्तक दिए,"हुजूर हम अन्दर आ सकते हैं!"
"हां, आइए।"
चश्मे के ऊपर से झांकते हुए साहब ने
अनुमति दी।
"अरे! तुम, हम कहे थे न कि
अभी आ रहे हैं।" श्रमायुक्त जी थोड़ी गर्मी दिखाते हुए करीम चचा की तरफ
मुखातिब हुए।
"क्या
समस्या है? छोटे साहब से
बड़े साहब ने पूछा।
"कुछ खास
नहीं सर।"
करीम चचा कुछ
बोलने को हुए कि उससे पहले ही छोटे साहब बोल पड़े, "अभी योग दिवस पर
बहुत काम करना है,
ऊपर
से आदेश आया है। यह बहुत जरूरी है, उसके बाद आना।"
"कब सर?"
"योग दिवस
के बाद।"
"योग दिवस
कब......?
"अरे, इतना भी नहीं
मालूम, तुमको योग दिवस
कब है.....21 जून के बाद।"
पापा पिस्तौल ला दो(लघु चलचित्र समीक्षा)-रमेश मोहन शुक्ल
Thursday, June 06, 2024
"एक अकेला सब पर भारी और यह मोदी की गारंटी है" के दम्भ को तोड़ता जनादेश-नन्दलाल वर्मा (एसोसिएट प्रोफेसर)
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| नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर) युवराज दत्त महाविद्यालय लखीमपुर-खीरी |
'पापा पिस्तौल ला दो' एक बेहतरीन शार्ट फिल्म-सत्य प्रकाश 'शिक्षक'
गांधी किसी फ़िल्म(रील) के नायक नहीं,अपितु एक असल (रियल) जिंदगी के प्रेरक-नायक हैं-नन्दलाल वर्मा (एसोसिएट प्रोफेसर)
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| नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर) युवराज दत्त महाविद्यालय लखीमपुर-खीरी |
Wednesday, June 05, 2024
बीएसपी की राजनीति के भविष्य पर लगातार मंडराता गहरा संकट-नन्दलाल वर्मा (एसोसिएट प्रोफेसर),
राजनीतिक चर्चा
"गठबंधन के दौर की राजनीति में "एकला चलो" का निर्णय बेहद आत्मघाती साबित हुआ"
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| नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर) युवराज दत्त महाविद्यालय लखीमपुर-खीरी |
Friday, May 31, 2024
हर परिस्थिति में बीजेपी को ही सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने की संभावना-नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर)
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| नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर) युवराज दत्त महाविद्यालय लखीमपुर-खीरी |
Monday, May 27, 2024
भारत का संविधान और नक्शा सब बदल जाएगा और जनता इसको समझ या पहचान भी नहीं पाएगी-नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर)
(भारत फिर कभी दूसरी चुनाव प्रक्रिया नहीं देख सकेगा)
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| नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर) युवराज दत्त महाविद्यालय लखीमपुर-खीरी |
Friday, May 10, 2024
मेरी पहली हवाई यात्रा-नयनी डी.वर्मा
"नई धारा " द्वारा आयोजित "यात्रा-वृत्तांत" लेखन प्रतियोगिता:2024 में "मेरी पहली हवाई यात्रा" को वरीयता क्रम में प्रथम स्थान से पुरस्कृत रचना.
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| नयनी डी० वर्मा लखीमपुर खीरी उ० प्र० |
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| नयनी डी० वर्मा अपने पिता जी के साथ |
पढ़िये आज की रचना
सार्वजनिक संस्थानों के बेतहाशा निजीकरण-नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर)
नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर) युवराज दत्त महाविद्यालय लखीमपुर-खीरी 9415461224. सवर्ण वर्ग के आर्थिक रूप से कमज़ोर अभ्यर्थिय...
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पते की बात, एक विमर्श एन.एल.वर्मा ऐसी स्थिति में यूपी का कुर्मी समाज चाहते हुए अपना विश्वसनीय और हितैषी राजनैतिक नेतृत्व नही तलाश पा रहा...
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नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर) युवराज दत्त महाविद्यालय लखीमपुर-खीरी 9415461224. आगामी बिहार,पश्चिम बंगाल और 2027 के शुरुआत में...
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- डॉ. सतीश चन्द्र भगत कुछ उजले कुछ काले बादल , अजब- गजब मतवाले बादल। कहाँ- कहाँ से उड़- उड़ आते , अगड़म- बगड़म चित्र बनाते। ...
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(कविता) (नोट-प्रकाशित रचना इंदौर समाचार पत्र मध्य प्रदेश ११ मार्च २०२५ पृष्ठ संख्या-1 , वुमेन एक्सप्रेस पत्र दिल्ली से दिनांक ११ मार्च २०२५ ...
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नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर) युवराज दत्त महाविद्यालय लखीमपुर-खीरी 9415461224. कोरोना वायरस से उपजी आपात स्थिति से ...
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समाज को आईना दिखाती एक लड़की के जीवन के संघर्षों की सच्ची कहानी गूगल से साभार सीतापुर जिले के एक छोटे से गांव में सुधा और रज्जु अपने माता प...
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महापुरुषों के आदर्श से साभार एन०एल० वर्मा (असो.प्रोफ़ेसर) सेवा निवृत वाणिज्य विभाग वाईडीपीजी कॉलेज,लखीमपुर खीरी डॉ.भीम राव आंबेडकर...












