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एन०एल० वर्मा (असो.प्रोफ़ेसर) वाणिज्य विभाग वाईडीपीजी कॉलेज,लखीमपुर खीरी |
साहित्य
- जन की बात न दबेगी, न छिपेगी, अब छपेगी, लोकतंत्र के सच्चे सिपाही बनिए अपने लिए नहीं, अपने आने वाले कल के लिए, आपका अपना भविष्य जहाँ गर्व से कह सके आप थे तो हम हैं।
- लखीमपुर-खीरी उ०प्र०
Wednesday, October 12, 2022
ईडब्ल्यूएस आरक्षण की पृष्ठभूमि कांग्रेस ने तैयार की थी,किंतु सामाजिक-राजनीतिक नुकसान के डर से उसने कदम पीछे खींच लिए थे, लेकिन बीजेपी ने सही वक्त पर फेंका पांसा-प्रोफेसर नन्दलाल वर्मा
सुप्रीम कोर्ट का सरकार से एक गम्भीर सवाल: क्या ईडब्ल्यूएस आरक्षण से मेरिट के 50% की अनारक्षित वर्ग के हिस्से में कटौती नहीं होगी- प्रोफेसर नन्दलाल वर्मा
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एन०एल० वर्मा (असो.प्रोफ़ेसर) वाणिज्य विभाग वाईडीपीजी कॉलेज,लखीमपुर खीरी |
Monday, October 10, 2022
चौथे स्तम्भ पर भाजपा क्यों हुई हमलावर-सुरेश सौरभ
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पीड़ित पत्रकार/लेखक विकास सहाय, लखीमपुर-खीरी |
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सामूहिक चित्र, लाल घेरे में आरोपी शोभितम |
बुजुर्ग शिक्षाविद् सत्य प्रकाश 'शिक्षक' कहते हैं,मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। एक मीडिया ही है, जिसके माध्यम से सबको सच्चाई का पता चलता है, अतः मीडिया से जुड़े हर व्यक्ति का सम्मान करना हर नागरिक का प्रथम कर्तव्य है। दैनिक जागरण के लब्ध प्रतिष्ठित पत्रकार एवं शायर विकास सहाय, जो निहायत सीधे और सरल व्यक्तित्व के धनी हैं, हमेशा अपने कर्तव्यों पर अडिग रहने वाले जुझारू व्यक्तित्व हैं। ऐसे व्यक्ति पर 'वार्ड नामा' स्तंभ के कारण हाथ उठाना, मारपीट करना ,गला दबाना, शोभितम की कायराना हरकत है। आरोपी को ऐसा दंड मिले जो पूरे देश में मिसाल बने।
Friday, September 23, 2022
ईडब्ल्यूएस आरक्षण की संवैधानिक परख: सुप्रीम कोर्ट में हो रही सुनवाई में याचिकाकर्ताओं और सरकार द्वारा क्रमशःपेश किए गए महत्वपूर्ण विधिक तर्क और कठदलीलें : एक गहन विश्लेषणात्मक अवलोकन
Monday, August 22, 2022
इंद्र कुमार मेघवाल की हत्या : जातीय दुराग्रह की पराकाष्ठा: दाह संस्कार में यूपी के हाथरस मॉडल की पुनरावृत्ति:प्रो.नन्द लाल वर्मा
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एन०एल० वर्मा (असो.प्रोफ़ेसर) वाणिज्य विभाग वाईडीपीजी कॉलेज,लखीमपुर खीरी |
अगर शासन ने इस घटना से उपजी सामाजिक-मानवीय संवेदनाओं को अच्छी तरह नहीं समझा तो यह सत्ता प्रतिष्ठान के लिए ठीक नही होगा। जो लोग,समूह और जातियाँ इस निर्मम हत्याकांड को बेहद चतुराई से शब्दों की बाज़ीगरी कर विचलित या विषयांतर करने का दुष्कर्म और तरह तरह के उपक्रम कर रहे हैं,वे भी देर सवेर इसका ख़ामियाज़ा भुगतने के लिए तैयार रहें,क्योंकि दलितों की वर्तमान पीढ़ी अब किसी भी तरह के सामाजिक दमन या अत्याचार बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है,हर मोर्चे पर वह जवाब देने के लिए सक्षम है। कथित जातिगत श्रेष्ठता वाले किसी मुग़ालते में न रहें। शिक्षा के मंदिर में दलित छात्र के साथ जातिजन्य अत्याचार के ख़िलाफ़ देशव्यापी आक्रोश फूटना स्वाभाविक है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक शिक्षक द्वारा की गई ऐसी क्रूरता और निर्दयता कैसे बर्दाश्त की जा सकती है? भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम 1989 की विभिन्न धाराओं के तहत सरकार ने मुक़दमा दर्ज कर आरोपी शिक्षक को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया है।
Tuesday, August 16, 2022
एक राखी का इंतजार-सुरेश सौरभ
लघुकथाएं-सुरेश सौरभ
युगीन दस्तावेज तालाबंदी-रंगनाथ द्विवेदी
सम्पूर्ण विपक्ष की सामाजिक - राजनीतिक भूमिका पर उठता एक बेहद स्वाभाविक सवाल-नन्दलाल वर्मा (एसोसिएट प्रोफेसर)
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एन०एल० वर्मा (असो.प्रोफ़ेसर) वाणिज्य विभाग वाईडीपीजी कॉलेज,लखीमपुर खीरी |
Wednesday, June 15, 2022
भारत गौरव सम्मान से सम्मानित अनुभूति गुप्ता खीरी जिले की एक साहित्यिक पहचान हैं-अखिलेश कुमार अरुण
सम्मान
परिचय अनुभूति गुप्ता जन्मतिथि- 05.03.1987. जन्मस्थान- हापुड़ (उ.प्र.) शिक्षा- बी.एस.सी. (होम साइन्स), एम.बी.ए., एम.एस.सी. (आई.टी.) (विद्या वाचस्पति उपाधि प्राप्त) Pursuing International cyber law and forensic sciences course from IFS, Mumbai... सम्प्रति- डायरेक्टर/प्रकाशक (उदीप्त प्रकाशन, yellow Feather publications)(लखीमपुर खीरी) प्रकाशक/एडिटर (अनुवीणा पत्रिका) प्रोफेशनल चित्रकार रेखाचित्रकार (only
rekhachitrkar from kheri, रेखाचित्र,
30000 से अधिक) स्वतंत्र लेखिका सम्पर्क सूत्र- 103 कीरत नगर निकट डी एम निवास लखीमपुर खीरी 9695083565 |
विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, गांधीनगर
(बिहार) ने अनुभूति गुप्ता को भारत गौरव सम्मान 2022 से अलंकृत कर हम क्षेत्रवासियों को एक पहचान
दिया है वैसे आप किसी
परिचय की मोहताज नहीं है, लखीमपुर खीरी जैसे
पिछड़े जिले से साहित्य के क्षेत्र में एक नया मुकाम हासिल करना अपने आप में एक
बड़ी उपलब्धि है जहाँ हिंदी साहित्य
में लेखन की बात करें तो इक्का-दुक्का साहित्यकार ही अपनी टूटी-फूटी लेखनी से
जिले-जेवार का नाम रोशन करते रहे हैं। पंडित वंशीधर शुक्ल पुराने लेखकों में सुमार
थे तब से लेकर आज तक साहित्यिक विरासत सूनापन लिए चल रहा था। आज कई लेखक साथी
साहित्यिक रचनाओं में भिन्न-भिन्न हिंदी साहित्य की विधाओं पर अपनी लेखनी चला रहे
हैं।
हिंदी साहित्य की अनेक विधाओं पर आपकी
लेखनी को सरपट दौड़ाने वाली लेखिका/संपादिका अनुभूति गुप्ता ने कविता, कहानी,
लघुकथा, हाइकु, रिपोर्ताज, जीवनी आदि पर खूब
लेखन किया है। देश-विदेश की नामचीन पत्र-पत्रिकाओं हंस, दैनिक भास्कर-मधुरिमा, हिमप्रस्थ, कथाक्रम, सोच-विचार, वीणा, गर्भनाल, जनकृति, शीतल वाणी, उदंती,
पतहर, नवनिकष, दुनिया इन दिनों, शुभतारिका, गुफ्तगू, शब्द संयोजन, अनुगुंजन, नये क्षितिज, परिंदे, नव किरण, नेपाली पत्रिका आदि
अनेकों हिन्दी पत्रिकाओं में कवितायें प्रकाशित होती रहती हैं। नवल, आधारशिला और चंपक पत्रिका में कहानी का
प्रकाशन। साहित्य साधक मंच, अमर उजाला, दैनिक नवज्योति, दैनिक जनसेवा मेल, मध्यप्रदेश जनसंदेश, ग्रामोदय विजन आदि विभिन्न समाचार पत्रों
में कविताएं एवं लघुकथाएं प्रकाशित। 300 से अधिक कविताएं प्रकाशित। ’कविता कोश’ में 60 से अधिक कविताएं संकलित।
साहित्य आपको विरासत के रूप में आपके माता
जी (बिनारानी गुप्ता) से मिला है जो लेखन में अपने जीवन के अंतिम क्षणों तक सक्रीय
रही हैं जो पिछले साल करोना महामारी में कालकवलित हो गईं, जिनके साहित्यिक सपनो को
साकार करने के लिए उनकी बेटी अनुभूति गुप्ता जी ने कोई कोर-कसर बाकी नहीं रख रही
हैं अपने माता जी की स्मृति में आपने एक पुस्तक प्रकाशन की परियोजना में व्यस्त
हैं, आप अपने छात्र जीवन से ही साहित्य से आप जुड़ीं तो जुड़ती ही चली गईं, साथ ही साथ पेंटिंग करना आपकी प्रवृत्ति
में शामिल है हजारों रेखाचित्रों का एक बड़ा संग्रह आपने तैयार किया हुआ है। जिनका
प्रकाशन देश की नामचीन साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं यथा-पाखी, नया ज्ञानोदय, मधुमति, वागर्थ,
हंस, कथादेश, कथाक्रम आदि इतना ही नहीं आपके रेखा चित्रों का प्रकाशन साहित्यिक
पत्रिकाओं के आवरण पृष्ठों पर भी खूब किया गया है रेखाचित्रों के प्रकाशन की एक
झलक देखिये पाखी,
नया ज्ञानोदय, मधुमती, वागर्थ,
’हंस’, ’कथादेश’, ’कथाक्रम’, विभोम
स्वर, ’प्राची’, शीतल वाणी, साहित्य अमृत, समकालीन अभिव्यक्ति, कथा समवेत, गाँव के लोग पत्रिका में रेखाचित्र प्रकाशित एवं प्रकाषित होते रहते
हैं। पत्रिका के कवर पर पेंटिग- मधुमती, शीतल वाणी, किस्सा कोताह, नूतन कहानियां, वीणा, वैजयंती, विचरण जियालोको, प्रतिबिम्ब, संवेद आदि। पत्रिका के कवर पर रेखाचित्र- अविराम साहित्यकी किताब के
कवर पर पेंटिग प्रकाशनाधीन- लेखक- सूरज उज्जैनी, मुकेश कुमार, राकेश कुमार सिंह, किताबों
में प्रकाशित रेखाचित्र- माटी कहे कुम्हार से, सुनो नदी ! किताबों में प्रकाशित कार्टून चित्र- जलनखोर प्रेमी, नटखट प्रेमिका (कात्यायनी सिंह)पत्रिका के
कवर पर खिंचा गया चित्र- शब्द संयोजन आदि।
अनुभूति गुप्ता लेखनी का एक ऐसा नाम है
जिसमें समाज की मर्मिक्ताओं का आभास होता है तथा बौखलाहट और घुटन देखने को मिलती
है प्रकाशित रचनाओं की फेहरिस्त भी काफी लम्बी है यथा- बाल सुमन (बाल-काव्य
संग्रह), कतरा भर धूप (काव्य संग्रह), अपलक (कहानी संग्रह), बाल सुमन (बाल-काव्य संग्रह) दूसरा
संस्करण, तीसरा संस्करण।प्रकाशनाधीन- मैं (काव्य
संग्रह), कोकनट में उगती स्त्रियां और 44 से अधिक पुस्तकों
का आपने सफल प्रकाशन भी किया है और यह निरंतर जारी है।
साहित्य की दुनिया में दिल खोलकर लोगों ने
आपको सम्मानित भी किया है और इस सम्मान की आप असली हक़दार भी है। एक नज़र डालते हैं
आपकी की सम्मान निधि पर तो यह भी अपने आप में एक अवर्णनीय है- शोध पत्रिका में लेख
एवं अंतराष्ट्रीय संगोष्ठी ‘‘अवधी भाषा‘‘ में प्रमाण पत्र प्राप्त एवं ’नारी गौरव सम्मान’ तथा ’प्रतिभाशाली रचानाकार सम्मान’, ’साहित्य-श्री सम्मान’, ’के.बी.
नवांकुर रत्न सम्मान’, नवपल्लव
पत्रिका के कुशल सम्पादन हेतु ’अमृता प्रीतम स्मृति
शेष’ सम्मान तथा प्रसिद्ध संस्था श्रीनाथ द्वारा
’सम्पादक शिरोमणि सम्मान’, शान्ति देवी अग्रवाल स्मृति सम्मान, इमराजी देवी चित्रकला रत्न, भारत गौरव से सम्मानित एवं अनेको सम्मान
प्राप्त है।
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पढ़िये आज की रचना
मौत और महिला-अखिलेश कुमार अरुण
(कविता) (नोट-प्रकाशित रचना इंदौर समाचार पत्र मध्य प्रदेश ११ मार्च २०२५ पृष्ठ संख्या-1 , वुमेन एक्सप्रेस पत्र दिल्ली से दिनांक ११ मार्च २०२५ ...

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