![]() |
| नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर) युवराज दत्त महाविद्यालय लखीमपुर-खीरी 9415461224. |
साहित्य
- जन की बात न दबेगी, न छिपेगी, अब छपेगी, लोकतंत्र के सच्चे सिपाही बनिए अपने लिए नहीं, अपने आने वाले कल के लिए, आपका अपना भविष्य जहाँ गर्व से कह सके आप थे तो हम हैं।
- लखीमपुर-खीरी उ०प्र०
Friday, July 04, 2025
युवा पीढ़ी की किताबों से बढ़ती दूरी और डिजिटल स्क्रीन की बढ़ती लत एक भयानक दौर-नन्दलाल वर्मा (एसोसिएट प्रोफेसर)
Wednesday, April 09, 2025
अछूत के सिकयित-हीरा डोम
Wednesday, March 26, 2025
मौत और महिला-अखिलेश कुमार अरुण
(कविता)
(नोट-प्रकाशित रचना इंदौर समाचार पत्र मध्य प्रदेश ११ मार्च २०२५ पृष्ठ संख्या-1 , वुमेन एक्सप्रेस पत्र दिल्ली से दिनांक ११ मार्च २०२५ पृष्ठ संख्या-5)
![]() |
| अखिलेश कुमार 'अरुण' ग्राम- हज़रतपुर जिला-लखीमपुर खीरी मोबाईल-8127698147 |
डरती है महिला-
पति के न रहने से
मौत तो उसकी अपनी सहेली है.
अपनी मन्नतों में भी-
पति की कुशलता ही मांगती है
सारे वृत्त-त्यौहार करती है
उनकी कुशलता में ही
उसकी ख़ुशी है,
सम्पन्नता है
इज्जत और सम्मान-
अभिमान है.
क्या होता है?
उन महिलाओं का-
जिनके पति
और उसकी बेटी
का बाप नहीं रहता?
नोच खाने को बैठा यह-
आदमी जात
‘महिला दिवस’ की
झूठी शुभकामनाएं
का दंभ भरता है.
शासन में बैठे-
जिम्मेदार भी मुहं फेर लेते हैं.
जब कोई महिला
बदहवास नोच ली जाती है-
मर्दानगी के घुप अँधेरे में’
पत्नी के न रहने से-
जिस दिन पति डरने लगे
मौत का भय न हो.
रात के घने अँधेरे में-
घर से निकलते हुए,
समझ लेना,
महिलाएं-
सशक्त हो चली हैं.
तुम्हारे झूठे इस दिवस की-
बधाई तुम्हे मुबारक हो
हे! महिला के पुरुष
क्या तुम-
यह कर पयोगे?
Saturday, September 07, 2024
चर्चा में झूठी-सुरेश सौरभ
Wednesday, July 24, 2024
हिंदी लघुकथा स्वरूप और सार्थकता-सुरेश सौरभ
Tuesday, July 16, 2024
केवल आरक्षण से ही आधे आईएएस एससी-एसटी और ओबीसी,लेकिन वे शीर्ष पदों पर क्यों नहीं पहुंच पाते-नन्दलाल वर्मा (एसोसिएट प्रोफेसर)
【अधिकारियों के लिए न्यूनतम और अधिकतम कार्यकाल/अवधि तय होनी चाहिए और शीर्ष पदों के लिए गठित पैनल को गैर-विवेकाधीन, मैट्रिक्स-आधारित और पारदर्शी बनाना होगा】
![]() |
| नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर) युवराज दत्त महाविद्यालय लखीमपुर-खीरी 9415461224. |
Friday, July 12, 2024
सामाजिक न्याय के नाम पर सत्ता की मलाई चाटते जातीय दलों की असलियत जो एससी-एसटी और ओबीसी के लिए आस्तीन के सांप सिद्ध हो रहे हैं-नन्दलाल वर्मा (एसोसिएट प्रोफेसर)
![]() |
| नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर) युवराज दत्त महाविद्यालय लखीमपुर-खीरी 9415461224. |
बड़े चोरों के भरोसे-सुरेश सौरभ
![]() |
सुरेश सौरभ निर्मल नगर लखीमपुर-खीरी उत्तर प्रदेश पिन-262701 मो-7376236066 |
सामाजिक न्याय के नाम पर सत्ता की मलाई चाटते जातीय दलों की असलियत जो एससी-एसटी और ओबीसी के लिए आस्तीन के सांप सिद्ध हो रहे हैं-नन्दलाल वर्मा (एसोसिएट प्रोफेसर)
![]() |
| नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर) युवराज दत्त महाविद्यालय लखीमपुर-खीरी 9415461224. |
Tuesday, July 02, 2024
इंदिरा गांधी की इमरजेंसी से ज़्यादा खतरनाक है,आज के दौर की अघोषित तानाशाही और इमरजेंसी-नन्दलाल वर्मा (एसोसिएट प्रोफेसर)
"लोकतंत्र के मंदिर में राजतंत्र-तानाशाही की निशानी "सिंगोल" स्थापित करने के पीछे मोदी/बीजेपी की नीयत क्या है?"
![]() |
| नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर) युवराज दत्त महाविद्यालय लखीमपुर-खीरी |
पढ़िये आज की रचना
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग: उच्च शिक्षा संस्थानों में समता संवर्धन विनियमन:2026 Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations-प्रो.नन्द लाल वर्मा (सेवानिवृत्त)
नन्दलाल वर्मा (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर) युवराज दत्त महाविद्यालय लखीमपुर-खीरी 9415461224. भारतीय संविधान के अनुच्छेद-14 में वर्णि...
सबसे ज्यादा जो पढ़े गये, आप भी पढ़ें.
-
अजय बोकिल विचारणीय स्थिति है। मोदी सरकार सोशल मीडिया खासकर ट्विटर जैसी सोशल साइट्स पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही है, वही सत्तारूढ़ भाजपा मे...
-
Ajay Bokil जिस पतंग को उमंगों का प्रतीक माना जाता रहा हो, आज उसी उन्मुक्त उड़ने वाली पतंग की डोर जानलेवा होती जा रही है। इस संक्रांति पर उज्...
-
पैनिक न हो अतीत के संक्रमणों से कोरोना ज्यादा घातक नहीं। प्लेग १८३३-१८४५ आज का वर्तमान कभी का भूत भी रहा है और हमारे भविष्य का द्योतक...
-
अजय बोकिल वरिष्ठ संपादक, दैनिक सुबह सवेरे म०प्र० सार राहुल की यात्रा अभी भावुकता के दौर में है। असली चुनौतियां तो उसके बाद शुरू होंगी। राह...
-
पृष्ठ एक " एन०एल० वर्मा (असो.प्रोफ़ेसर) सेवा निवृत वाणिज्य विभाग वाईडीपीजी कॉलेज,लखीमपुर खीरी हिंदू धर्म शास्त्रों का गहनता ...
-
फेसबुक के वाल पर अबाध गति से दौड़ती उंगलिया यकायक थम सी गयीं, मानो बज्रपात हो गया. साहित्यजगत का एक और तारा जीवन के अंतिम पटल पर जाकर शून्य...
-
साहित्यिक आमंत्रण साहित्यकार समाज का सजग प्रहरी होता है। समय की धारा को अपनी लेखनी से लिपबिद्ध करता चले , यह उसका दायित्व भी होता है। दरबार...
-
एन०एल० वर्मा (असो.प्रोफ़ेसर) सेवा निवृत वाणिज्य विभाग वाईडीपीजी कॉलेज,लखीमपुर खीरी "धार्मिक और आर्थिक गुलामी का खतरनाक दौर." ...
-
अजय बोकिल लगता है मशहूर फिल्म अभिनेता, निर्माता आमिर खान और उनकी दूसरी पत्नी किरण राव का तलाक देश में राजनीतिक जुमला भी बनता जा रहा है। हाल...
-
संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर N.L.Verma (Associate professor) किसी भी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था एक ऐसी खूबसूरत और सर्वोत्तम राज्य व...










