साहित्य

  • जन की बात न दबेगी, न छिपेगी, अब छपेगी, लोकतंत्र के सच्चे सिपाही बनिए अपने लिए नहीं, अपने आने वाले कल के लिए, आपका अपना भविष्य जहाँ गर्व से कह सके आप थे तो हम हैं।
  • लखीमपुर-खीरी उ०प्र०

Thursday, January 13, 2022

स्वामी विवेकानंद जयन्ती-कवि श्याम किशोर बेचैन

स्वामी विवेकानंद जयन्ती
जन्म 12.01.1863                                         मृत्यु 04.07.1902
 

कुछ  भी ना  पूछना पड़ेगा  हमसे  बार बार।
स्वामी  विवेकानंद  को  पढ़िए तो  एक बार।।
 
बोले  थे  शिकागो  में  अपने  धर्म  के  लिए।
दुनिया  के  युवाओं  के  श्रेष्ठ  कर्म  के लिए।।
 
बचपन से इनमे हो रहा था ज्ञान का विस्तार।
स्वामी  विवेकानंद  को  पढ़िए तो  एक बार।।
 
दुनिया के  हर  युवा के  वो  आधार  बने  थे।
स्वामी    विवेकानंद     सूत्रधार    बने थे।।
 
तेजी  देश  में   बढ़ा   था   इनका जनाधार।
स्वामी  विवेकानंद  को  पढ़िए तो  एक बार।।
 
थी  आत्मा  परमात्मा   में  आस्था  अखण्ड।
लेकिन  इन्हें  पसंद  नहीं था  कोई  पाखण्ड।।
 
हर  एक  युवा  कर  रहा  था  इनपे  ऐतबार।
स्वामी  विवेकानंद  को  पढ़िए  तो एक बार।।
 
स्वामी   विवेकानंद   के   आदेश   के  लिए।
बेचैन  युवा   चल   पड़े   थे  देश  के लिए।।
 
हर  एक पे  स्वतंत्रता  का  जोश  था  सवार।
स्वामी  विवेकानंद  को  पढ़िए  तो एक बार।।

पता-
संकटा देवी बैंड मार्केट लखीमपुर खीरी

पढ़िये आज की रचना

मौत और महिला-अखिलेश कुमार अरुण

(कविता) (नोट-प्रकाशित रचना इंदौर समाचार पत्र मध्य प्रदेश ११ मार्च २०२५ पृष्ठ संख्या-1 , वुमेन एक्सप्रेस पत्र दिल्ली से दिनांक ११ मार्च २०२५ ...

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