स्वामी विवेकानंद जयन्ती
जन्म 12.01.1863 मृत्यु 04.07.1902
स्वामी विवेकानंद को पढ़िए तो एक बार।।
बोले थे शिकागो में अपने धर्म के लिए।
दुनिया के युवाओं के श्रेष्ठ कर्म के लिए।।
बचपन से इनमे हो रहा था ज्ञान का विस्तार।
स्वामी विवेकानंद को पढ़िए तो एक बार।।
दुनिया के हर युवा के वो आधार बने थे।
स्वामी विवेकानंद सूत्रधार बने थे।।
तेजी देश में बढ़ा था इनका जनाधार।
स्वामी विवेकानंद को पढ़िए तो एक बार।।
थी आत्मा परमात्मा में आस्था अखण्ड।
लेकिन इन्हें पसंद नहीं था कोई पाखण्ड।।
हर एक युवा कर रहा था इनपे ऐतबार।
स्वामी विवेकानंद को पढ़िए तो एक बार।।
स्वामी विवेकानंद के आदेश के लिए।
बेचैन युवा चल पड़े थे देश के लिए।।
हर एक पे स्वतंत्रता का जोश था सवार।
स्वामी विवेकानंद को पढ़िए तो एक बार।।
पता-
संकटा देवी बैंड मार्केट
लखीमपुर खीरी